8-महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म क्यों हुआ?

एक 12 पास लड़के के माँ-बाप ने मुझे बुलाया। कहा कि हमारे बेटे को पढ़ने के लिए मनाओ।
लड़के का मोबाइल चेक किया तो देखा कि A से लेकर Z तक सारे अक्षरों से पोर्न साइट देख चुका था !!!

लड़के से थोड़ा बात की, खुलने पर बोला – ‘अब किसी लड़की के साथ यह सब ट्राई करना चाहता हूँ’

पहले भी कम उम्र के लड़के अश्लील साइट देखकर, छोटी बच्चियों के साथ उसकी नकल कर चुके हैं। दिल सोचकर घबराता है कि एक और मासूम बच्ची इसकी शिकार ( #metoo ) न बने !

  • 13-साल के किशोर ने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देख, पड़ोस की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। [1]
  • 12-साल के लड़के ने अश्लील साइट देखकर, 7-साल की अपनी सगी बहन से दुष्कर्म किया। [2]
  • इंटरनेट पर रेप वीडियो भी मिलते हैं। इन्हेें देखकर लड़के सीखते हैं कि बलात्कार के समय लड़की कैसे अपना बचाव करने की कोशिश करती है और कैसे उसे काबू किया जाता है।
  • रेप के दौरान वीडियो बना लिए जाते हैं। लड़की को चुप कराने के लिए धमकी दी जाती है कि वीडियो को पूरे शहर में वायरल कर दिया जाएगा।
  • ऐसे रेप वीडियो अब वहाटसएप्प पर भी शेयर किए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट में इनपर रोक लगाने की गुहार की गई है, लेकिन सरकार ने पिछले 3 साल में कोई कदम नहीं उठाया है।

तो क्या करें? कैसे रोकें?

प्रधानमंत्री पूरे देश में अश्लील साइटों को रोक सकते हैं।

आपके मुख्यमंत्री आपके राज्य में अश्लील साइटों पर रोक लगा सकते हैं।

  • 2015 में 5-दिन के लिए 857 अश्लीलता वेबसाइट रोकी गई थी।
  • लेकिन मोबाइल (एयरटेल रिलायंस आदि) कंपनियों के डाटापैक की बिक्री कम हो गई।
  • जब बच्चे ऐसी साइट देखते हैं तो मोबाइल पर डाटापैक ज्यादा बिकता है।
  • इन कंपनियों को रोजाना हजारो करोड़ का नुकसान होने लगा।
  • इन कंपनियों के मुनाफे का बचाव करने के लिए 5 दिन बाद केन्द्र सरकार के मंत्री ने सभी 857 साइट वापस खोल दी
  • बच्चे फिर से इन्हें देखने लगे हैं।

बहुत हुआ बेटी पर वार
अब रोके मोरी सरकार

#pornban ‘सच’ जो सब छुपा रहे हैं

साल घटना
2009 अश्लीलता रोकने के कानून IPC 292, 293, 294 आईटी एक्ट 69A, 79(3)(b)  [3]
2013 सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दी गई जिसमें, पूरे भारत में अश्लील साइट रोकने के लिए केंद्र सरकार से अपील की गई थी।
अक्टूबर 2014 केंद्र सरकार को रोकने के लिए 857 अश्लील साइट की सूची दी गई थी। जिसपर सरकार ने आठ महीने तक कोई रोक नही लगाई थी।
2014 तेलंगाना सरकार की महिला सुरक्षा टीम ने सरकार को राज्य में गंदी साइट रोकने को कहा [4]
2015 तेलंगाना सरकार को राज्य में लागू करने का तरीका बताया गया। आईटी मंत्रालय में सब अफसर मान गए। लेकिन जब टेलिकाम कंपनियों ने मंत्री से, मुनाफे में कमी होने की बात कही। सेटिंग हुई, फिर मंत्रीजी पलट गए। [5]
1 अगस्त
2015
सुप्रीम कोर्ट की जबरदस्त डाँट पड़ने पर पूरे भारत में 857 अश्लील साइट पर रोक लगाई गई। [6]
सभी मोबाइल कंपनी ने रोक लगाई थी। एयरटेल और MTS(अब रिलायंस) ने रोक नहीं लगाई थी। [7] [8]
इन कंपनियों का डाटापैक के मुनाफे में हजारों करोड़ का रोजाना का नुकसान हो रहा था [9]
5 अगस्त
2015
मुनाफे का बचाव करने के लिए 5 दिन बाद केन्द्र सरकार के मंत्री ने सभी 857 साइट वापस खोल दी। [10]
मीडिया ने चुप्पी साधी या अाखिरी पन्ने पर दो इंच की जगह में छापा
2016 दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलकर दिल्ली में रोक लगाने के बारे में कहा था। राज्य सरकार ऐसा कर सकती है और दिल्ली में बच्चियों को सुरक्षित किया जा सकता है। सब दस्तावेज की कापी दी थी। आज तक कोई रोक नहीं। [11] मीटिंग का फोटो [12]
2016 सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को गंदी वेबसाइट रोकने का निर्देश देते हूए कहा

व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नाम पर बच्चों के साथ अश्लीलता का प्रयोग नहीं कर सकता” [13]

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